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​पानी
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान आपको शरीर में पानी की कमी होने से रोकना है। आप पानी, वेजिटेबल जूस, फà¥à¤°à¥‚ट जूस, दूध और छाछ पिà¤à¤‚। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की वजह से कई तरह की गंà¤à¥€à¤° समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा हो सकती हैं जिनमें से à¤à¤• लो बरà¥à¤¥ वेट à¤à¥€ है।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को रोज परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ आराम करना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ काम करने की वजह से गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠपर इसका बà¥à¤°à¤¾ असर पड़ सकता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को रोज कम से कम 8 घंटे की नींद लेनी चाहिà¤à¥¤ जब मां सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रहेगी, तो बचà¥â€à¤šà¤¾ à¤à¥€ हेलà¥â€à¤¦à¥€ रहेगा।
दालें और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
अगर आपको लग रहा है कि नौवें महीने में à¤à¥€ आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ का वजन कम है तो आपको बिना कोई देरी किठअपनी डाइट में दालों को शामिल कर लेना चाहिà¤à¥¤ दालों से पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के साथ-साथ थायमिन और फाइबर मिलता है। आप दाल का सूप और दलिया बनाकर à¤à¥€ ले सकती हैं।
दाल के अलावा हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ शिशॠके विकास और वजन के लिठजरूरी होती हैं। पालक, केल और अनà¥â€à¤¯ पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, नटà¥à¤¸ और साबà¥à¤¤ अनाज आपको अपने आहार में शामिल करने चाहिà¤à¥¤ इनमें मैगà¥â€à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® होता है जो शिशॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के विकास में मदद करता है और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में समय से पूरà¥à¤µ à¤à¤‚ठन पैदा होने से रोकता है।
​फल
कीवी, केला, तरबूज और सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ जैसे फल विटामिन सी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं। इस विटामिन की मदद से शिशॠको पोषण पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाला पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा ठीक तरह से काम कर पाता है। इसके साथ ही विटामिन सी खाने से मिलने वाले आयरन को à¤à¥€ सोखने में मदद करता है। इससे इमà¥â€à¤¯à¥‚न सिसà¥â€à¤Ÿà¤® सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रहता है।
शिशॠका वजन बढ़ाने में à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो à¤à¥€ मदद कर सकता है। इसमें फाइबर, विटामिन सी और ई à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में होता है। यह हेलà¥â€à¤¦à¥€ फैटà¥à¤¸ का à¤à¥€ अचà¥â€à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है जिससे डिलीवरी के बाद शरीर में गरमाई रहती है।
​दूध, अंडा, दही और टोफू
इन सà¤à¥€ चीजों में उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ लेना बहà¥à¤¤ जरूरी है। इस समय आप जो à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ लेती हैं, वो सारा बचà¥â€à¤šà¥‡ के विकास में लग जाता है।
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